स्वस्थ जीवन सुखी जीवन

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Psoriasis(सोरायसिस)……….

सोरायसिस स्किन से जुड़ी एक ऑटोइम्यून डिसीज है जो किसी भी उम्र में हो सकती है। आमतौर पर इसका असर कोहनी के बाहरी हिस्से और घुटने पर ज्यादा देखा जाता है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर यह रोग होता है।

सोरायसिस की पहचान…….. 

सोराइसिस के सामान्य लक्षणों में शरीर के प्रभावित सामान्य अंगों में खुजली होती है। त्वचा पर पपड़ी जैसी ऊपरी परत जम जाती है। शरीर में लाल-लाल धब्बे और चकत्ते हो जाते हैं। Allopath में सोराइसिस का कोई संपूर्ण इलाज नहीं है, लेकिन सोइरासिस के लक्षणों की गंभीरता के बावजूद इसे काफी हद तक कंट्रोल किया या जा सकता है।

सोराइसिस रोग तभी होता है जब रोग प्रतिरोधक तंत्र स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला करता है। इससे त्वचा की कई कोशिकाएं बढ़ जाती है, जिससे त्वचा पर सूखे और कड़े चकत्ते बन जाते हैं, त्वचा की कोशिकाएं त्वचा की सतह पर बन जाती हैं।

आमतौर पर इसके लक्षणों की शुरुआत 15 से लेकर 25 साल की उम्र के बीच होती है। समय पर इलाज शुरू होने पर इसे बढ़ने से रोकने व काबू में करने में मदद मिलती है। सोरायसिस कितना बढ़ा हुआ है, डॉक्टर उसके अनुसार ट्रीटमेंट और दवाइयां तय करते हैं। #ये बीमारी किसी प्रभावित व्यक्ति को छूने से नहीं फैलती है।

#सोरायसिस के प्रकार…….. 

– प्लाक सोरायसिस : – यह सबसे सामान्य प्रकार है। इसमें शरीर पर लाल चकत्ते पड़ जाते हैं।

– ग्यूटेट सोरायसिस : – ये शरीर पर दानों के रूप में नज़र आता है।

– इन्वर्स सोरायसिस : – शरीर के जो हिस्से मुड़ते हैं, वहां पर इसका सबसे ज़्यादा असर देखने को मिलता है ।

सोरायसिस रोगग्रस्त व्यक्ति 

पूरक आहार लें । पूरक आहार सोरायसिस के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। स्वास्थवर्धक भोजन करें।

त्वचा को ड्राय होने से रोकें … 

तेज सुगंध से बचें … 

शरीर को पानी में भिगोएं … 

शराब के सेवन करने से बचें … 

हल्दी का उपयोग करें … 

तनाव कम करें

मॉइश्चराइजिंग साबुन या बॉडी वॉश का प्रयोग करें। एक कठोर साबुन कृत्रिम रंगों और केमिकल युक्त साबुन त्वचा की प्राकृतिक पीएच को बदल देता है, जिससे सूखी त्वचा पर खुजली या अन्य परेशानी बढ़ जाती हैं। स्किन क्रीम या मॉइश्चराइजर लगाएं: दिनभर अपनी त्वचा को नमी से भरपूर रखें।

Genozhi Soap, Body Lotion, Tea Tree Cream, Virgin Coconut Oil सोरायसिस पीड़ित व्यक्ति के लिए बहुत ही उपयोगी है। नारियल तेल में औषधिय गुणों का भंडार है। यह स्किन से दाग धब्बे हटाने के साथ-साथ रूखापन दूर करने में मदद करता है। इसके लिए रात को सोने से पहले नारियल तेल को हल्का गुननुना करके स्किन में धीरे-धीरे मसाज करें।

आयुर्वेद के अनुसार दूध के साथ नमक और मछली का सेवन नहीं करना चाहिए। यह सभी विरुद्ध आहार है। इन दोनों चीजों का सेवन साथ में करने से स्किन एलर्जी की समस्या हो जाती है, साथ ही सोरायसिस की समस्या बढ़ जाती है। यह शरीर में सूजन बढ़ाने के साथ हृदय रोग की संभावना को बढ़ा सकती है। पनीर, दूध और खीर नहीं खानी चाहिए। खुजली करने बाली सब्जी जैसे वैगन, भिंडी, खटाई, ज्यादा तेल मसाले जैसी चीजों से परहेज करनी चाहिए।

धन्‍यवाद 🙏 🙏

Chiranjeev Mishra Ayurveda Consultant

Center For Health And Happines

स्वस्थ जीवन – सुखी जीवन……. Digestion…………….पेट की सेहत से हमारे संपूर्ण शरीर का स्वास्थ्य जुड़ा हुआ है। इसलिए हमें इसका विशेष ध्यान रखना पड़ता है।हमें अपने खाने-पीने में कई ऐसी चीजें शामिल करनी होती है जिससे हमारा स्वास्थ अच्छा बना रहे। लेकिन आपके सही डाइट लेने के बावजूद पेट ठीक नहीं रहता है, कच्ची डकार, गैस, मितली आने की समस्या बनी हुई है तो आयुर्वेदिक नियमों का पालन करना शुरू कर देना चाहिए। पाचन शक्ति के लिए आयुर्वेदिक नियम….. -पाचन तंत्र को मजबूत करने के लिए दही का रायता जरूर खाएं। इससे पेट को ठंडक मिलती है। भोजन के साथ सलाद न खाएं, बल्कि कुछ देर के बाद सेवन करें।-खाना खाते वक्त फोन का इस्तेमाल न करें और न हीं टीवी देखें, इससे आपके शरीर को पोषण अच्छे से मिल पाता है। हींग और जीरा का लगे तड़के वाला छांछ पीने से कब्ज और लूज मोशन की समस्या नहीं होती है। -भोजन के बाद सौंफ और मिश्री खाने से खाना अच्छे से पच जाता है। इसके लिए हरक की गोलियां और घरेलू चूर्ण भी पेट के लिए फायदेमंद होते हैं। #त्रिफला चूर्ण या गोली के सेवन से पेट मजबूत होता है। सुबह खाली पेट उपयोग करें । भोजन को अच्छे से चबा- चबा कर खाएं। ज्यादा तेल मशाले, Cool Drinks, Soft Drinks, फास्ट फूड, जंक फूड, अत्याधिक मांसाहारी भोजन स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त नहीं है, इनसे जितना ज्यादा दूरी बना कर रखेंगे हमारा स्वास्थ्य उतना ही बेहतर रहेगा। भोजन करने से 45 मिनट पहले या खाना खाने के एक घंटे बाद पानी पीने की आदत डालें। हमेशा नॉर्मल पानी पीएं। ज्यादा ठंडा पानी पीने में अच्छा तो लगता है लेकिन उसको नॉर्मल करने के लिए शरीर को अत्यधिक ऊर्जा की खपत करनी पड़ती है। -भोजन से पहले नींबू के रस में अदरक पीस कर और एक चुटकी काला नमक मिलाकर खाने से पेट की समस्या नहीं होती है। खाना अच्छे ढंग से पच जाता है.पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए फाइबर को डाइट में करें। -वहीं अपच की समस्या से निजात पाने के लिए आपको नियमित रूप से खान पान में फाइबर को शामिल कर लेना चाहिए। ड्राई फ्रूट्स ओट्स, दलिया आदि के सेवन से पाचन की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता है। सुबह उठते ही बिना कुल्ला किए दो से चार गिलास रात को रखा गया तांबे के लोटे का पानी पीने की आदत डालें। सुबह नाश्ते मैं फल, सलाद खाएं -पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए आपको वसा वाले पदार्थों को त्यागना पड़ेगा। अलसी, चिया सीड्स और ओमेगा 3 फैटी एसिड जैसी रिच डाइट लेने से डाइजेसटिव सिस्टम (Digestive System) मजबूत होता है। खाने में सेंधा नमक का उपयोग करें। दूध बालि चाय, Coffee की जगह जड़ी बूटियों के राजा लालमशरूम आधारित Green Tea, Masala Tea, Spices Tea, Lingzhi Coffee, Lemonzhi Juice, Noni Juice, Spirulina Tab. या Spirulina Cereal, Virgin Coconut Oil का उपयोग करना न केवल पाचन शक्ति को मजबूत करेगा बल्कि पूरे शरीर स्वास्थ्य को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक है।आपका स्वास्थ्य आपके हाथ में है न कि किसी Doctor के हाथ में। #शरीर अपने आप में सबसे बड़ा डॉक्टर है। #भोजन सबसे अच्छी दबा है। #दबा, Doctors, Hospitals, टेस्ट पर खर्च करने से अच्छा है स्वास्थ्य वर्धक वस्तुओं पर खर्च करें। स्वस्थ रहते हुए स्वस्थ रहना सीखें।थोड़ी सी जानकारी, थोड़ी सी समझदारी, सही वस्तुओं का उपयोग अपने और अपने परिवार को स्वस्थ रखने का एक मात्र विकल्प है।स्वास्थ्य समस्याओं से संबंधित सुझाव के लिए संपर्क कर सकते हैं!

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